समाजशास्त्र की विषय वस्तु एवं अध्ययन क्षेत्र
(Subject matter and Scope of Sociology)

समाजशास्त्र की विषय वस्तु एवं अध्ययन क्षेत्र में अंतर – समाजशास्त्र की विषयवस्तु का तात्पर्य उन निश्चित विषयों से है ,जिसका अध्ययन समाजशास्त्र के अंतर्गत किया जाता है, जैसे – सामाजिक संबंध, विचलन, एकीकरण आदि का अध्ययन समाजशास्त्र की विषय वस्तु है जबकि अध्ययन क्षेत्र का तात्पर्य उन संभावित सीमाओं से है, जहाँ तक समाजशास्त्र … Read more

समाजशास्त्र की विषय वस्तु एवं अध्ययन क्षेत्र
(Subject matter and Scope of Sociology)

समाजशास्त्र की विषय-वस्तु
(Subject Matter of Sociology)

अधिकांश विद्वान समाजशास्त्र की विषय-वस्तु के अन्तर्गत सामाजिक प्रक्रियाओं ,सामाजिक संस्थाओं ,सामाजिक नियंत्रण एवं परिवर्तन को शामिल करते हैं | विभिन्न विद्वानों के मत निम्नलिखित हैं | दुर्खीम के विचार (Views of Durkheim) दुर्खीम ने विषय-वस्तु को निम्न तीन भागों में विभाजित किया- (1) सामाजिक स्वरूपशास्त्र (Social Morphology) – इसके अन्तर्गत सामाजिक संरचना एवं स्वरूपों … Read more

समाजशास्त्र की विषय-वस्तु
(Subject Matter of Sociology)

समाजशास्त्र का विकास (Development of sociology )

अागस्त काम्टे ने अपनी पुस्तक पॉजिटिव फिलोसोफी (Positive Philosophy) में समाजशास्त्र शब्द का प्रतिपादन किया | उनके अनुसार समाजशास्त्र  का विज्ञान क्रमबद्ध अवलोकन एवं वर्गीकरण  पर आधारित होना चाहिए | हरबर्ट स्पेन्सर ने अपनी पुस्तक प्रिंसिपल्स ऑफ सोशियोलॉजी (Principles of Sociology) में जैविकीय उद् विकास के सिद्धांत को मानवीय समाज पर लागू किया एवं सामाजिक … Read more

समाजशास्त्र का विकास (Development of sociology )

समाजशास्त्र का अर्थ एवं परिभाषा ( Meaning and Definition of Sociology in Hindi)

समाजशास्त्र का अर्थ – समाजशास्त्र दो शब्दों से मिलकर बना है | पहला लैटिन शब्द ‘Socius’ जिसका अर्थ है – समाज तथा दूसरा ग्रीक शब्द ‘Logos‘ जिसका अर्थ है – अध्ययन या विज्ञान | इस प्रकार समाजशास्त्र का शाब्दिक अर्थ समाज का विज्ञान है|   चूँकि समाजशास्त्र दो भाषाओं लैटिन एवं ग्रीक से मिलकर बना … Read more

समाजशास्त्र का अर्थ एवं परिभाषा ( Meaning and Definition of Sociology in Hindi)

समाजशास्त्र का उद्भव (Emergence of Sociology)

समाजशास्त्र का उद्भव यूरोपीय महाद्वीप में उस समय हुआ जब वहां की जनता सामंतवादी व्यवस्था के प्रति असहज एवं असुरक्षित महसूस करने लगी साथ ही वह अपनी तात्कालिक परिस्थितियों से निजात पाने का प्रयास करने लगी | यह प्रयास औद्योगिक क्रांति (1760) एवं फ्रांसीसी (1789) क्रांति के रूप में सामने आया जिसने वहां की परंपरागत … Read more

समाजशास्त्र का उद्भव (Emergence of Sociology)

समाजशास्त्र की उत्पत्ति (Origin Of Sociology)

ऐतिहासिक रूप से समाजशास्त्र शब्द का प्रतिपादन अागस्त कॉम्टे ने ही किया था| लेकिन समाज की प्रकृति के बारे में विचार हमें प्लेटो की पुस्तक रिपब्लिक(Republic) एवं अरस्तू की पॉलिटिक्स (Politics ) में मिलता है, जिसमें अनेक सामाजिक घटनाओं ,प्रथाअों ,सामाजिक संबंधों एवं सामाजिक संस्थाओं का वर्णन किया गया था, किन्तु उनके विचारों में वैज्ञानिकता … Read more

समाजशास्त्र की उत्पत्ति (Origin Of Sociology)

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