सामाजिक विघटन (Social Dis-organisation)

इस अध्याय के अंतर्गत हम निम्न विन्दुओं की चर्चा करेंगे – सामाजिक विघटन क्या है 2. सामाजिक विघटन की अवधारणा 3. सामाजिक विघटन के कारक 4. सामाजिक विघटन के लक्षण 5. सामाजिक विघटन के दुष्प्रभाव 6. सामाजिक संगठन एवं सामाजिक विघटन में अंतर सामाजिक विघटन क्या है – सामाजिक विघटन समाज, समुदाय या समूह की … Read more सामाजिक विघटन (Social Dis-organisation)

युवा अति-सक्रियता (Youth Activism)

युवा अति-सक्रियता क्या है – युवा अति-सक्रियता, युवाओं में परिस्थितियों से होने वाले असंतोष एवं तनाव का परिणाम होता है| ये परिस्थितियाँ सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक कुछ भी हो सकती है| समाज में युवा एक ऐसी जनसंख्या है जो सामान्यत: पारिवारिक एवं सामाजिक जिम्मेदारियों से मुक्त होता है| जोश एवं उमंग से भरपूर होता है, जिसके … Read more

युवा अति-सक्रियता (Youth Activism)

क्षेत्रवाद (Regionalism in Hindi)

 क्षेत्रवाद क्या है – जब एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले लोग भाषा, संस्कृति आदि के आधार पर अपनी अलग पहचान बनाए रखना चाहते हों तो इसे क्षेत्रवाद कहते हैं | क्षेत्रवाद की भावना जब अधिक तीव्र हो जाती है तो यह दूसरे क्षेत्रों से द्वेष एवं घृणा के रूप में सामने आती है| … Read more क्षेत्रवाद (Regionalism in Hindi)

साम्प्रदायिकता (Communalism in hindi) –

साम्प्रदायिकता क्या है – सांप्रदायिकता एक विचारधारा या निष्ठा है| यह निष्ठा अपने समूह (विशेष रूप से धार्मिक समूह) को दूसरे समूह से श्रेष्ठ मानती है एवं अन्य समूह से अलग एवं विरोध करने की प्रेरणा देती है| परिणाम स्वरूप उग्र-व्यवहार एवं हिंसा प्रारम्भ हो जाता है| सांप्रदायिकता का उद्भव उसी भावना से हो जाता … Read more साम्प्रदायिकता (Communalism in hindi) –

अल्पसंख्यक (Minorities)

भारत में अल्पसंख्यक – भारतीय संविधान में अल्पसंख्यक की कोई परिभाषा नहीं दी गई है| लेकिन अनुच्छेद 29 एवं 30 में अल्पसंख्यक वर्ग के लिए जो अधिकार दिए गये हैं उससे स्पष्ट होता है कि धर्म, भाषा एवं लिपि या संस्कृति को अल्पसंख्यक का आधार माना गया है| अतः धार्मिक समूह के साथ-साथ सांस्कृतिक आधार … Read more अल्पसंख्यक (Minorities)

जातिवाद (Casteism) – कारण l स्वरुप – मनोवैज्ञानिक एवं व्यावहारिक, दुष्परिणाम, निवारण के उपाय

जातिवाद के इस अध्याय के अंतर्गत हम निम्न विन्दुओं पर चर्चा करेंगे – जातिवाद क्या है जातिवाद के कारण जातिवाद का स्वरूप जातिवाद के दुष्परिणाम जातिवाद के निवारण के उपाय जातिवाद क्या है – समाज में सामान्यत: सभी जातियों के लोग रहते हैं एवं प्रत्येक जाति समाज की एकरूपता बनाए रखने में योगदान देती है| … Read more जातिवाद (Casteism) – कारण l स्वरुप – मनोवैज्ञानिक एवं व्यावहारिक, दुष्परिणाम, निवारण के उपाय

बुजुर्गों या वृद्धों की समस्याएँ (Problems of Elderly)

बुजुर्गों/वृद्धों की समस्याएँ – वृद्धावस्था का तात्पर्य जीवन के उस अवस्था से है जिसमें शारीरिक ढांचे एवं कार्य-प्रणाली में परिवर्तन आ जाता है| व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक शक्तियों में ह्रास हो जाता है| बुजुर्गों की समस्याओं को निम्न बिंदुओं में देखा जा सकता है –  (1) शारीरिक समस्या – वृद्धों की शारीरिक क्षमता कम हो … Read more बुजुर्गों या वृद्धों की समस्याएँ (Problems of Elderly)

अंत: एवं अंतर्पीढ़ीय संघर्ष (Intra and Inter-generational Conflict) –

 पीढ़ी अंतराल (generation gap) – समाज में जन्म लेने वाले बच्चे जब युवा हो जाते हैं तो वे एक नई पीढ़ी का निर्माण करते हैं और एक समय बाद जब उनके बच्चे युवा बनते हैं तो दूसरी पीढ़ी का निर्माण होता है इस तरह आयु के आधार पर 20-25 वर्ष के अन्तराल की समाज में … Read more अंत: एवं अंतर्पीढ़ीय संघर्ष (Intra and Inter-generational Conflict) –

तलाक या विवाह-विच्छेद (Divorce)

Divorce (तलाक)

तलाक का तात्पर्य वैवाहिक संबंधों का टूट जाना है, जिसके परिणामस्वरूप वैवाहिक दंपत्ति एक दूसरे से हमेशा के लिए अलग हो जाते हैं एवं परिवार विघटन का शिकार हो जाता है| तलाक को कानूनी रूप देने के लिए विशेष विवाह अधिनियम, 1954 तथा हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 में प्रावधान किया गया है| हिंदू विवाह अधिनियम … Read more

तलाक या विवाह-विच्छेद (Divorce)

घरेलू हिंसा (Domestic Violence)

घरेलू हिंसा का तात्पर्य परिवार के किसी सदस्य के साथ ऐसा व्यवहार, जो उसे शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करता हो| वैसे तो बच्चे/किशोर एवं बुजुर्ग भी घरेलू हिंसा का शिकार होते हैं लेकिन इसकी शिकार अधिकतर महिलाएं ही होती है| घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, 2005 (The Protection of Women from … Read more

घरेलू हिंसा (Domestic Violence)

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