अल्पसंख्यक (Minorities)

भारत में अल्पसंख्यक – भारतीय संविधान में अल्पसंख्यक की कोई परिभाषा नहीं दी गई है| लेकिन अनुच्छेद 29 एवं 30 में अल्पसंख्यक वर्ग के लिए जो अधिकार दिए गये हैं उससे स्पष्ट होता है कि धर्म, भाषा एवं लिपि या संस्कृति को अल्पसंख्यक का आधार माना गया है| अतः धार्मिक समूह के साथ-साथ सांस्कृतिक आधार … Read more अल्पसंख्यक (Minorities)

जातिवाद (Casteism) – कारण l स्वरुप – मनोवैज्ञानिक एवं व्यावहारिक, दुष्परिणाम, निवारण के उपाय

जातिवाद के इस अध्याय के अंतर्गत हम निम्न विन्दुओं पर चर्चा करेंगे – जातिवाद क्या है जातिवाद के कारण जातिवाद का स्वरूप जातिवाद के दुष्परिणाम जातिवाद के निवारण के उपाय जातिवाद क्या है – समाज में सामान्यत: सभी जातियों के लोग रहते हैं एवं प्रत्येक जाति समाज की एकरूपता बनाए रखने में योगदान देती है| … Read more जातिवाद (Casteism) – कारण l स्वरुप – मनोवैज्ञानिक एवं व्यावहारिक, दुष्परिणाम, निवारण के उपाय

बुजुर्गों या वृद्धों की समस्याएँ (Problems of Elderly)

बुजुर्गों/वृद्धों की समस्याएँ – वृद्धावस्था का तात्पर्य जीवन के उस अवस्था से है जिसमें शारीरिक ढांचे एवं कार्य-प्रणाली में परिवर्तन आ जाता है| व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक शक्तियों में ह्रास हो जाता है| बुजुर्गों की समस्याओं को निम्न बिंदुओं में देखा जा सकता है –  (1) शारीरिक समस्या – वृद्धों की शारीरिक क्षमता कम हो … Read more बुजुर्गों या वृद्धों की समस्याएँ (Problems of Elderly)

अंत: एवं अंतर्पीढ़ीय संघर्ष (Intra and Inter-generational Conflict)

 पीढ़ी अंतराल (generation gap) – समाज में जन्म लेने वाले बच्चे जब युवा हो जाते हैं तो वे एक नई पीढ़ी का निर्माण करते हैं और एक समय बाद जब उनके बच्चे युवा बनते हैं तो दूसरी पीढ़ी का निर्माण होता है इस तरह आयु के आधार पर 20-25 वर्ष के अन्तराल की समाज में … Read more अंत: एवं अंतर्पीढ़ीय संघर्ष (Intra and Inter-generational Conflict)

घरेलू हिंसा (Domestic Violence)

घरेलू हिंसा का तात्पर्य परिवार के किसी सदस्य के साथ ऐसा व्यवहार, जो उसे शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करता हो| वैसे तो बच्चे/किशोर एवं बुजुर्ग भी घरेलू हिंसा का शिकार होते हैं लेकिन इसकी शिकार अधिकतर महिलाएं ही होती है| घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, 2005 (The Protection of Women from … Read more

घरेलू हिंसा (Domestic Violence)

दहेज (Dowry)

दहेज प्रथा क्या है – दहेज को ऐतिहासिक रूप से देखें तो वैदिक काल में वैवाहिक मामलों में स्त्रियों के पुरुषों से अधिक अधिकार थे| स्त्रियों को जीवनसाथी चुनने की स्वतंत्रता थी| जिसके लिए स्वयंबर का आयोजन होता था| लेकिन मनुस्मृति की रचना के बाद हिंदू विवाह से संबंधित नियम स्थापित हो गए, जिसमें आठ … Read more दहेज (Dowry)

भारत में क्षेत्रीय समस्याएँ (Regional problems in India)

भारत बहु-सांस्कृतिक देश होने के साथ भौगोलिक आधार पर भी एक दूसरे से भिन्न हैं| यहाँ उत्तर से दक्षिण एवं पूर्व से पश्चिम तक अनेक भिन्नता को देखा जा सकता है| भारत के क्षेत्रीय समस्याओं को निम्न विन्दुओं में देखा जा सकता है – (1) उत्तर पूर्वी राज्यों की समस्या (2) कश्मीर की समस्या (3) … Read more भारत में क्षेत्रीय समस्याएँ (Regional problems in India)

भारत में नृजातीय समस्याएँ (Ethnic Problems in India)

सामान्य अर्थों में धर्म या प्रजातीय भिन्नता को नृजातीयता (Ethnicity) समझ लिया जाता है| वास्तव में नृजातीयता एक भावना है| जब धर्म, भाषा, जाति, रंग, संस्कृति, क्षेत्र आदि के आधार पर कोई समूह एकजुट होकर अपनी भावना प्रदर्शित करे तो उसे नृजातियता कहते हैं| नृजातीय मनोवृत्ति, राष्ट्रीय मनोवृत्ति या हित से पृथक होती है| नृजातीयता … Read more भारत में नृजातीय समस्याएँ (Ethnic Problems in India)

भारत में धार्मिक समस्याएँ (Religious problems in India)

भारत एक बहुधर्मी देश है एवं अपनी विविधता में एकता जैसे उद्देश्य के लिए जाना जाता है| भारतीय संविधान में भी पंथनिरपेक्ष शब्द का उल्लेख है, जिसका तात्पर्य राज्य का अपना कोई धर्म नहीं है साथ ही यह सभी धर्मों को समान महत्त्व देता है|लेकिन धार्मिक समस्याएँ तब उत्पन्न होती है जब कुछ लोग संगठित … Read more भारत में धार्मिक समस्याएँ (Religious problems in India)

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