व्यक्ति और समाज (Individual and Society)

अंत:क्रिया द्वारा व्यक्तियों के बीच जो संबंध पाये जाते हैं उसी को समाज कहते हैं, साथ ही समाज में विद्यमान रीति-रिवाज, मूल्य, प्रतिमान, प्रथा, परम्परा आदि को व्यक्ति समाजीकरण के माध्यम से सीखता है| इस तरह व्यक्ति एवं समाज एक दूसरे के पूरक है| दार्शनिक अरस्तू (Aristotle) ने भी मनुष्य को सामाजिक प्राणी कहा है … Read more

व्यक्ति और समाज (Individual and Society)

धर्म (Religion)

धर्म शब्द का प्रयोग अलौकिक शक्ति में विश्वास के लिए किया जाता है | इस विश्वास का प्रभाव मानवीय जीवन के व्यवहार पर भी पड़ता है जिसे मनुष्य पूजा, आराधना एवं विभिन्न कर्मकाण्डों के माध्यम से चालित करता है | विश्व में कोई भी समाज ऐसा नहीं है जिसमें धर्म या ईश्वर या किसी शक्ति … Read more

धर्म (Religion)

परिवार : परिभाषा, प्रकार, विशेषताएँ(Family: Definition, Types, Characteristics)

परिवार की परिभाषा (Definition of Family) – परिवार एक छोटा सामाजिक समूह है, जिसके अंतर्गत पति-पत्नी एवं उनके बच्चे शामिल होते हैं | प्रत्येक मानव समाज में नवजात शिशु के लालन-पालन की आवश्यकता होती है यह लालन पालन माता-पिता द्वारा हो या अन्य द्वारा , इससे जुड़े कुछ नियम पाए जाते हैं जो परिवार को … Read more

परिवार : परिभाषा, प्रकार, विशेषताएँ(Family: Definition, Types, Characteristics)

विवाह (Marriage)

विवाह एक सार्वभौमिक एवं अनिवार्य संस्था है , जो प्रत्येक समाज में विभिन्न संस्कारों एवं कर्मकाण्डों द्वारा संपन्न किया जाता है | यह स्त्री एवं पुरुष को यौन संबंध स्थापित करने एवं बच्चों को जन्म की सामाजिक वैधता प्रदान करता है | विवाह पुरुष एवं स्त्री की प्रस्थिति (Status) को परिवर्तित कर उन्हें क्रमशः पति … Read more

विवाह (Marriage)

सामाजिक समूह (Social Group)

मनुष्य का जीवन वास्तव में सामूहिक जीवन है | मनुष्य को सामाजिक प्राणी कहने का तात्पर्य भी यही है कि वह समूह में रहता है | प्रत्येक व्यक्ति का जन्म समूह में ही होता है एवं समूह के माध्यम से ही वह अपनी आवश्यकता की पूर्ति एवं पूर्ति करने के तरीके को सीखता है |इस … Read more

सामाजिक समूह (Social Group)

समुदाय, समिति एवं संस्था (Community, Association and Institution)

समुदाय (Community) समुदाय का तात्पर्य व्यक्तियों के ऐसे समूह से है ,जो किसी निश्चित भू-क्षेत्र में रहते हैं तथा सभी व्यक्ति आर्थिक एवं राजनैतिक क्रियाओं में एक साथ भाग लेते हैं एवं एक स्वायत्त इकाई का निर्माण करते हैं | समुदाय का एक साझा मूल्य होता है जिससे वे एक दूसरे से जुड़े रहने की … Read more

समुदाय, समिति एवं संस्था (Community, Association and Institution)

समाज (Society)

साधारण अर्थ में समाज का तात्पर्य व्यक्तियों के समूह के लिए किया जाता है | लेकिन समाजशास्त्रीय अर्थों में व्यक्तियों के बीच जो सामाजिक संबंध पाए जाते हैं ,उसी को समाज कहते हैं | प्रश्न उठता है सामाजिक संबंध किसे कहते हैं ? जब दो व्यक्ति आपस में मिलते हैं तो आपस में सामाजिक नियमों … Read more

समाज (Society)

समाजशास्त्र में अध्ययन पद्धति
(Study methods in Sociology)

समाजशास्त्र में अध्ययन पद्धति का उद्देश्य सामाजिक प्रघटना (Phenomenon) का यथार्थवादी अध्ययन है ,जो व्यक्तिगत गुणों पर निर्भर न कर प्रक्रिया पर निर्भर करता है | चूँकि सामाजिक घटना प्राकृतिक घटना की तुलना में अत्यधिक जटिल एवं बहुपक्षीय होती है| अतः किसी भी शोधकर्ता के लिए एक साथ सभी पक्षों का अध्ययन करना संभव नहीं … Read more

समाजशास्त्र में अध्ययन पद्धति
(Study methods in Sociology)

समाजशास्त्र की प्रकृति (Nature of Sociology)

जब हम किसी विषय के प्रकृति की चर्चा करते हैं तो यह देखते हैं कि वह विषय विज्ञान है या नहीं | समाजशास्त्र की प्रकृति के अंतर्गत हम यह जानने का प्रयास करेंगे कि समाजशास्त्र किस सीमा तक विज्ञान है | समाजशास्त्र के विज्ञान होने के समर्थन में जॉनसन कहते हैं कि समाजशास्त्र निर्विवाद रुप … Read more

समाजशास्त्र की प्रकृति (Nature of Sociology)

समाजशास्त्र एवं अन्य सामाजिक विज्ञान
(Sociology and other social science)

समाजशास्त्र का अन्य सामाजिक विज्ञान के साथ संबंध एवं भिन्नता से यह स्पष्ट हो जाता है कि समाजशास्त्रीय अध्ययन का केंद्र बिंदु क्या है ? समाजशास्त्रीय ज्ञान अन्य सामाजिक विज्ञान से किस तरह बौद्धिक विषय के रूप में विशिष्ट एवं अलग है | समाजशास्त्र अन्य सामाजिक विज्ञानों को समीप लाने का कार्य भी करता है … Read more

समाजशास्त्र एवं अन्य सामाजिक विज्ञान
(Sociology and other social science)

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