समाजशास्त्र की उत्पत्ति (Origin Of Sociology)


ऐतिहासिक रूप से समाजशास्त्र शब्द का प्रतिपादन अागस्त कॉम्टे ने ही किया था| लेकिन समाज की प्रकृति के बारे में विचार हमें प्लेटो की पुस्तक रिपब्लिक(Republic) एवं अरस्तू की पॉलिटिक्स (Politics ) में मिलता है, जिसमें अनेक सामाजिक घटनाओं ,प्रथाअों ,सामाजिक संबंधों एवं सामाजिक संस्थाओं का वर्णन किया गया था, किन्तु उनके विचारों में वैज्ञानिकता का आभाव था |

इसके पश्चात 18वीं शताब्दी तक समाज के बारे में कोई विशेष चिंतन नहीं हुआ, किंतु औद्योगिक क्रांति (1760) एवं फ्रांसीसी क्रांति (1789) के परिणामस्वरुप समाज से संबंधित विचार दिखाई देने लगे एवं समाज के विज्ञान होने की आवश्यकता को मान्यता मिलने लगी | ये परिस्थितियां फ्रांसीसी दार्शनिक सेंट साइमन तथा उनके शिष्य एवम् सचिव अागस्त काम्टे को मानवीय समाज के बारे मे वैज्ञानिक आधार पर सोचने के लिए प्रेरणा प्रदान किए |

इन दार्शनिकों के अनुसार नया विज्ञान प्राकृतिक नियमों की तरह सामाजिक जगत् के बारे में नियमों की खोज करेगा ,तब हम सामाजिक परिवर्तन के सामान्य नियम को निर्धारित कर सकेंगे जैसा कि न्यूटन के भौतिक विज्ञान एवं डार्विन के जीव विज्ञान में पाया जाता है|

पुनर्जागरण (Renaissance)

यूरोपीय इतिहास में मध्य युग एवं आधुनिक युग के बीज के समय को पुनर्जागरण कहा गया| जिसमें वाणिज्यिक क्रांति एवं औद्योगिक क्रांति ने यूरोप में कला, संस्कृति, साहित्य, पेंटिंग, विज्ञान आदि क्षेत्रों में बहुत विकास हुआ| इस विकास के द्वारा लोगों की भावना एवं सोच को नया जीवन मिला इसी नवीन स्थिति को पुनर्जागरण (Renaissance) कहा गया| पुनर्जागरण का तात्पर्य पुनर्जन्म से हैं|

प्रबोधन (Enlightenment)

18वीं शताब्दी में यूरोप में एक दार्शनिक एवं बौद्धिक आंदोलन चल रहा था जो मनुष्य की तार्किक शक्ति एवं नवाचार में विश्वास करता था| इसी को प्रबोधन (Enlightenment) नाम दिया गया| इस आंदोलन की वजह से यूरोप में औद्योगिक एवं फ्रांसीसी जैसी दो महान क्रांतियाँ हुई, जिसने पुराने सामंतवादी समाज के स्थान पर एक नवीन समाज की स्थापना की| इतिहासकारों के अनुसार प्रबोधन का युग 1715 से 1789 तक था|

सन् 1838 में अागस्त कॉम्टे ने सामाजिक घटनाओं के अध्ययन के लिए सामाजिक भौतिकी (Social Physics) शब्द का प्रयोग किया, जिसे बाद में बदलकर समाजशास्त्र कर दिया |

कॉम्टे के अनुसार समाजशास्त्र सामाजिक व्यवस्था एवं प्रगति (Social Order and Progress) का विज्ञान है | कॉम्टे ने विज्ञानों का भी प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने गणितशास्त्र को प्रथम एवं समाजशास्त्र को अंतिम स्थान दिया |

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