जनसंख्या की संरचना एवं संबंधित मुद्दे
(Population profile and related issues)

मानव जनसंख्या का अध्ययन जनांकिकी (Demography) कहलाता है| इसके अंतर्गत मुख्य रूप से जन्म दर, मृत्यु दर, प्रवसन, जनसंख्या की बनावट (Composition) एवं वितरण का अध्ययन किया जाता है|

संयुक्त राष्ट्र के जनांकिकी शब्दकोश के अनुसार जनांकिकी मुख्य रूप से मानव जनसंख्या का वैज्ञानिक अध्ययन है| जो प्राथमिक रूप से उसके आकार, उसकी संरचना एवं उसके विकास का अध्ययन करता है|

वर्कले (W.G.Barckley) के अनुसार मानव जनसंख्या का संख्यात्मक चित्रण जनांकिकी कहलाता है (The numerical portrayal of Human population is known as demography)

कुछ अवधारणा

लिंगानुपात (Sex ratio) – 1000 पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या को लिंगानुपात कहते हैं

जन्म दर (Birth rate) – 1 वर्ष में प्रति हजार जनसंख्या पर जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या को जन्म दर कहते हैं|

भारत में जनसंख्या (Population in India)

भारतीय जनसंख्या के इतिहास में 1911 से 1921 के वर्ष को महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि महामारी एवं अकाल के कारण जनसंख्या में बहुत गिरावट दर्ज की गई थी इसलिए 1921 को जनसंख्या के संदर्भ में “महान विभाजन का वर्ष” (Year of great divide) के रूप में जाना जाता है|

भारत में 2011 में हुई 15 वीं जनगणना के नवीनतम आंकड़े के अनुसार –

भारत की कुल जनसंख्या – 1, 21, 08, 54, 977 है| (लगभग 121 करोड़)

पुरूष जनसंख्या – 62, 32, 70, 258 ( कुल जनसंख्या का 51.47%)

महिलाएँ – 58, 75, 84, 719 हैं| ( कुल जनसंख्या का 48.53%)

अनुसूचित जाति की जनसंख्या – 16.6 % ( कुल जनसंख्या का)

अनुसूचित जनजाति – 8.6 % ( कुल जनसंख्या का)

जनसंख्या में 2001 से 2011 तक दशकीय वृद्धि दर – 17.7 %)

लिंगानुपात (Sex ratio) – 943 है| जो 2001 के 933 से 10 अधिक है|

शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष आयु समूह) – 919 ( जो 2001 के 927 से 8 कम है)

सर्वाधिक लिंगानुपात वाला राज्य- केरल (1084)

सबसे कम लिंगानुपात वाला राज्य- हरियाणा (879)

सर्वाधिक शिशु लिंगानुपात – (0-6) अरुणांचल प्रदेश (972)

धर्म के आधार पर लिंगानुपात सबसे अधिक इसाईयों में (1023) है, जबकि सबसे कम सिक्खों में (903) है|

जनसंख्या की दृष्टि से शीर्ष तीन राज्य

(1) उत्तर प्रदेश – 19.98 करोड़ (भारत की कुल जनसंख्या का 16.5%)

(2) महाराष्ट्र – 11.23 करोड़ (भारत की कुल जनसंख्या का 9.28%)

(3) बिहार – 10.40 करोड़ (भारत की कुल जनसंख्या का 8.60%)

साक्षरता (Literacy)

कुल साक्षरता – 73 %

पुरुष साक्षरता – 80.9 %

महिला साक्षरता – 64.6 %

सर्वाधिक साक्षरता – केरल (94.0 %)

न्यूनतम साक्षरता – बिहार (61.8 %)

भारत का जनघनत्व (Population density) – 382 व्यक्ति/ किलोमीटर है|

सर्वाधिक जनघनत्व वाला राज्य – बिहार (1106)

न्यूनतम जनघनत्व वाला राज्य – अरुणांचल प्रदेश (17)

क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य – राजस्थान

ग्रामीण और शहरी जनसंख्या (Rural and Urban Population)

2011 के आंकड़ों के अनुसार देश की 37.71 करोड़ जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में तथा 83.37 करोड़ जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है

शहरी जनसंख्या का प्रतिशत – 31.1 %

ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत – 68.9 %

सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या वाला राज्य- उत्तर प्रदेश

सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत – हिमांचल प्रदेश

सर्वाधिक शहरी जनसंख्या वाला राज्य – महाराष्ट्र

सर्वाधिक शहरी जनसंख्या का प्रतिशत – गोवा

2011 में हुई भारत की 15 वीं जनगणना का नारा – “हमारी जनगणना हमारा भविष्य” (Our Census Our Future) है|

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)

2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या 19, 98, 12, 345 है जो भारत की कुल जनसंख्या का 16.5% है| यदि उत्तर प्रदेश को एक देश मान लिया जाय तो चीन, भारत, अमेरिका एवं इंडोनेशिया के बाद जनसंख्या के मामले में यह विश्व पाँचवा सबसे बड़ा देश होगा|

उत्तर प्रदेश का जनघनत्व 829 व्यक्ति/वर्ग किलोमीटर है |

साक्षरता – 67.7 %

पुरुष साक्षरता – 77.3 %

स्त्री साक्षरता – 57.2 %

लिंगानुपात – 912

शिशु लिंगानुपात – 902

सर्वाधिक नगरीय जनसंख्या – गाजियाबाद में

प्रदेश का कुल क्षेत्रफल – 2, 40, 928 वर्ग किलोमीटर|

सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला जिला – लखीमपुर खीरी

विश्व में सबसे पहले भारत में 1951 में परिवार नियोजन को वैधानिकता प्रदान की गयी| जिसे डॉक्टर्स अप्रोच कहा गया| सन् 1952 में सरकार ने इसे राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम घोषित किया| इस कार्यक्रम के तहत 1984 तक जन्म दर 25/1000 प्राप्त करना था जो प्राप्त नहीं हो सका|

जनसंख्या नियंत्रण असफल रहने के कारण एम. एस. स्वामीनाथन (M. S. Swaminathan) की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया जिसके सुझाव पर 1976 में प्रथम राष्ट्रीय जनसंख्या नीति घोषणा की गयी| 1977 में जनता दल की सरकार आने पर दूसरे जनसंख्या नीति की घोषणा हुई जिसमें इसका नाम पुनः परिवर्तित कर परिवार कल्याण कार्यक्रम (Family welfare programme) कर दिया गया|

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 – इसके 3 प्रमुख उद्देश्य हैं-

(1) तात्कालिक उद्देश्य – स्वास्थ्य के लिए आधारभूत ढाँचा, स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति, प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल हेतु एकीकृत सेवा प्रणाली की स्थापना|

(2) मध्यावधि उद्देश्य – 2010 तक कुल प्रजनन क्षमता दर 2.1 के प्रतिस्थापन स्तर तक लाना|

(3) दीर्घावधि उद्देश्य – 2045 तक स्थिर जनसंख्या के लक्ष्य को प्राप्त करना|

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